पीएम आवासीय के लाभार्थियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, अब भ्रष्टाचार का खुलासा होगाfilter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 45;
Share the Post

पीएम आवासीय के लाभार्थियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा

निर्माण कंपनी AKG-JVG (JV) और सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर भी लाभार्थी लग रहे हैं प्रश्न चिन्ह

काशीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना गंगापुर गोसाई काशीपुर उधम सिंह नगर उत्तराखंड में निर्माण कंपनी AKG-JVG (JV) के द्वारा 584 लाभार्थियों को अंधेरे में रखकर छलावा किया है इसका खुलासा इसलिए विलंब से हो रहा है क्योंकि अब वहां पर लाभार्थियों ने रहना शुरू किया है। उपयोग करने के आधार पर धीरे-धीरे निर्माण कंपनी की पोल खोली जा रही है इन सब कर्मियों और परेशानियों को लेकर उप जिलाधिकारी काशीपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन शीघ्र कार्रवाई हेतु दिया गया है।

अगर सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खामी योजना में जिन 584 फ्लैटों का निर्माण किया गया है वह मैन रोड से करीब 3 फीट नीचे (गहरे) में बने हुए हैं जिससे जल भराव की समस्या अक्सर बनी रहेगी और कुछ समय में ही सारे फ्लैट बिल्डिंग बेकार हो जाएगी मैन रोड से लगभग डेढ़ से 2 फीट ऊंचाई पर प्लाटों का निर्माण होना चाहिए लेकिन बिल्डर ने अपने लाभ को देखते हुए कम खर्चे में योजना को पानी में डूबने का पूरा-पूरा भरसक प्रयास किया।

फ्लैट में लगी खिड़कियों में केवल कांच लगाकर ही बंद किया गया है कांच को तोड़कर आसानी से फ्लैट में प्रवेश किया जा सकता है और चोरी आदि की घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है खिड़किया सुरक्षित करने के लिए उसमें बीच में सरिया लगाए जाने बहुत ही आवश्यक हैं।

योजना में टावर (ब्लॉक) बनाकर फ्लैट बनाए गए हैं ब्लॉक से ब्लॉक की बीच मात्र 15 फीट की सड़क दी है जिसमें एक ब्लॉक में लगभग 52 से लेकर 64 लाभार्थी (परिवार)निवास करते हैं उनके आवागमन के लिए कितनी छोटी रोड दिया जाना न्याय संगत नहीं है।

584 लाभार्थियों के वाहन खड़ा करने के लिए निर्माण कंपनी के द्वारा कोई भी पार्किंग स्थल नहीं बनाया गया है।

निर्माण कंपनी के द्वारा इसको अंधेरी नगरी में तब्दील कर दिया गया है क्योंकि इतनी बड़ी आवासीय कॉलोनी में कहीं पर भी बिजली के पोलों पर (प्रकाश)लाइट की व्यवस्था नहीं है बरसात के मौसम में बच्चे बुजुर्गों और लोगों को कॉलोनी के आसपास जंगल होने से कीड़े मकोड़े और सांपों का खतरा हमेशा बना रहता है और कई बार सांप आदि कॉलोनी में घूमते हुए और घरों में घुस भी चुके हैं।

निर्माण कंपनी द्वारा स्थापित STP की व्यवस्था गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी नहीं है और अपेक्षाकृत कम समय में ही इसकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो गई है। वर्तमान में STP से निकलने वाली गंदगी एवं सीवेज का उचित उपचार एवं निस्तारण न होने के कारण गंदा पानी कॉलोनी की नालियों में बह रहा है। वर्षा के दौरान नालियां ओवरफ्लो होने से यह दूषित पानी कॉलोनी के विभिन्न हिस्सों में फैल जाता है, जिससे अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं।

निर्माण कंपनी AKG-JVG (JV) के द्वारा काफी लंबे समय से लाभार्थियों की रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है जिससे लाभार्थी बहुत परेशान है और बार-बार निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि उनसे टालमटोल कर रहे हैं।

उप जिलाधिकारी काशीपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सोपा गया जिसमें हरदीप शर्मा एडवोकेट, हंसादत्त कांडपाल , जय पाल रावत, नंदकिशोर जोशी, नीतू देवी, सरस्वती रेनू पूनम आरुषि ऊषा नेगी शालू सावित्री कमला देवी रेखा देवी श्रेया शर्मा नंदन सिंह ललिता देवी महेंद्र सिंह हेमा जगत सती किरन आरती शर्मा सुमन रीना शर्मा सीता जानकी लीला सुमन देवी रेखा कांडपाल अतुल गोयल प्रभा गोयल ममता जोशी उमा देवी आनंद कश्यप मुन्नी देवी धर्मेंद्र आदि लाभार्थियों ने हस्ताक्षर करके भेजा।

By admin