रूद्रपुर : 18 मार्च 2026
उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग तथा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में, जनपद में पूर्व में घटित बृहद आपदाओं के परिप्रेक्ष्य में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया सुनिश्चित किए जाने हेतु जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को जिला स्तरीय व्यापक मॉक अभ्यासों का सफल आयोजन किया गया।
जनपद के विभिन्न संवेदनशील एवं महत्त्वपूर्ण स्थलों पर बहु-आयामी आपदा परिदृश्यों पर आधारित मॉक ड्रिल्स का प्रभावी संचालन किया गया। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना, संसाधनों की तत्परता का परीक्षण करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
मॉक अभ्यास का विस्तृत विवरण:
1. तहसील किच्छा (दरौऊ क्षेत्र) – समय: प्रातः 10:10 बजे
कृषि क्षेत्र में संभावित टिड्डी दल (Locust Attack) से फसलों की सुरक्षा हेतु मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं स्थानीय किसानों को समन्वित रूप से आपातकालीन नियंत्रण उपायों, कीटनाशक छिड़काव तकनीकों तथा सामूहिक बचाव रणनीतियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस मॉक अभ्यास में इंसिडेंट कमांडर की भूमिका तहसीलदार किच्छा श्री गिरीश चंद्र त्रिपाठी द्वारा प्रभावी रूप से निभाई गई, जबकि मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. बी.के. यादव द्वारा संपूर्ण गतिविधियों की निगरानी (मॉनिटरिंग) की गई।
2. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गदरपुर – समय: प्रातः 10:05 बजे
भूकंप के तीव्र झटकों के परिदृश्य में शॉर्ट सर्किट के कारण जनरल वार्ड में आग लगने की आपात स्थिति उत्पन्न हुई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया गया।
इस घटना में दो मरीजों एवं एक नर्स को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
इस दौरान श्रीमती ऋचा सिंह, उप जिलाधिकारी गदरपुर द्वारा इंसिडेंट कमांडर के रूप में नेतृत्व किया गया तथा SDRF, फायर सर्विस एवं पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
3. लोहिया हेड, खटीमा – समय: प्रातः 10:15 बजे
शारदा बैराज का जलस्तर सामान्य से अधिक होने के कारण पावर हाउस के रेगुलेटर पर दबाव बढ़ने एवं नहर तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का यथार्थपरक सिमुलेशन किया गया। इसके परिणामस्वरूप जल एवं मिट्टी के रिसाव से दमगड़ा, खली महुवट, सिसैया नगला एवं तराई क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का अभ्यास किया गया।
इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित निकासी, पशुधन सुरक्षा, राहत सामग्री वितरण एवं आपूर्ति प्रबंधन का समन्वित अभ्यास किया गया।
इंसिडेंट कमांडर के रूप में उप जिलाधिकारी खटीमा श्री तुषार सैनी द्वारा नेतृत्व किया गया, जबकि स्टेजिंग एरिया मैनेजर श्री विजेंद्र सजवान रहे। NDRF, फायर, पुलिस एवं मेडिकल टीमों द्वारा संयुक्त रूप से मॉक अभ्यास सफलतापूर्वक संपादित किया गया।
4. संजय वन टांडा रेंज, रुद्रपुर – समय: प्रातः 10:03 बजे
मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित स्थिति पर आधारित मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा समन्वित रेस्क्यू ऑपरेशन, भीड़ नियंत्रण एवं जनसुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया गया।
इस अभ्यास में प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय, रुद्रपुर श्री उमेश चंद तिवारी द्वारा इंसिडेंट कमांडर के रूप में नेतृत्व किया गया। वन विभाग एवं फायर सर्विस की टीमों द्वारा मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
5. IGL, काशीपुर – समय: प्रातः 10:15 बजे
भूकंप के पश्चात इथाइलीन ऑक्साइड गैस पाइपलाइन में रिसाव की आपात स्थिति का अभ्यास किया गया। सायरन सक्रिय कर तत्काल प्लांट को आइसोलेट किया गया तथा प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया टीमों द्वारा गैस रिसाव को नियंत्रित करते हुए क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
इस दौरान उप जिलाधिकारी काशीपुर श्री अभय प्रताप सिंह इंसिडेंट कमांडर रहे। IGL के HR हेड श्री आर.के. शर्मा, NDRF, पुलिस, फायर एवं मेडिकल टीमों द्वारा समन्वित रूप से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपादित की गई।
6. इंडियन ऑयल–अडानी गैस कॉर्पोरेशन, पंतनगर – समय: प्रातः 9:30 बजे
भूकंप के झटकों के कारण CNG स्टेशन (भीगवाड़ा) में कंप्रेसर क्षेत्र की पाइपलाइन से गैस रिसाव एवं स्पार्क के कारण आग लगने की गंभीर स्थिति का सिमुलेशन किया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लेवल-2 आपातकाल घोषित किया गया। फायर सर्विस, तकनीकी विशेषज्ञों एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए गए।
इस दौरान सुरक्षा मानकों के अनुरूप आपातकालीन प्रतिक्रिया, क्षेत्र की घेराबंदी (कॉर्डनिंग) एवं जोखिम नियंत्रण की प्रक्रियाओं का सफल परीक्षण किया गया।
निगरानी एवं समन्वय
उक्त समस्त मॉक अभ्यासों के दौरान आपदा प्रबंधन सभागार कक्ष से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरंतर निगरानी, मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित किया गया।
इस अवसर पर श्री गौरव पांडे (प्रभारी अधिकारी, आपदा प्रबंधन), श्री ईशान कटारिया (मुख्य अग्निशमन अधिकारी), डॉ. बी.के. यादव (मुख्य कृषि अधिकारी), श्री भास्कर सिंह धामी (ग्राम विकास अधिकारी), श्री उमाशंकर नेगी (जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी) सहित अन्य अधिकारीगण वेब लिंक के माध्यम से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन ने कहा कि इन व्यापक, यथार्थपरक एवं बहु-विभागीय मॉक अभ्यासों के माध्यम से जनपद की आपदा से निपटने की समग्र क्षमता, आपसी समन्वय, संसाधन प्रबंधन एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का प्रभावी परीक्षण किया गया।
इस प्रकार के अभ्यास न केवल आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम करने में सहायक सिद्ध होंगे, बल्कि आमजन में जागरूकता एवं विश्वास को भी सुदृढ़ करेंगे। भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त एवं सक्षम बनाया जाता रहेगा।
