पीएम आवास के फ्लैटों की रजिस्ट्री पर संकट, कोर्ट ने वादग्रस्त संपत्ति में तृतीय हित सृजन पर लगाई रोक

काशीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना गंगापुर गोसाई के लाभार्थियों के फ्लैटों की रजिस्ट्री को लेकर नया पेंच सामने आया है। सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग), काशीपुर की अदालत में दीवानी वाद संख्या 46/2026, हरभजन सिंह आदि बनाम मैसर्स एके.जी.-जेवीजी (जेवी) व अन्य में पारित आदेश के अनुसार वादग्रस्त संपत्ति के संबंध में किसी भी पक्ष को तृतीय पक्ष का हित सृजित करने से अगले आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी।
अदालत के आदेश की प्रति के अनुसार वादी पक्ष ने आरोप लगाया कि वादग्रस्त संपत्ति के संबंध में उनकी अनुमति के बिना लगातार विक्रयपत्र (बैनामा/रजिस्ट्री)निष्पादित किए जा रहे हैं। वहीं, प्रतिवादी पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र पर आपत्ति एवं बहस के लिए समय मांगा गया था। अदालत ने वाद की संपत्ति को संरक्षित रखने के उद्देश्य से अंतरिम आदेश पारित किया।
इस आदेश का असर प्रधानमंत्री आवास योजना, गंगापुर गोसाई के उन लाभार्थियों की रजिस्ट्री पर पड़ सकता है, जिनके फ्लैटों के बैनामे अभी लंबित हैं। लाभार्थी लंबे समय से निर्माण कंपनी से रजिस्ट्री कराने की मांग कर रहे हैं।
इसी क्रम में लाभार्थी दिनेश सिंह ने उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक की काशीपुर शाखा सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर रजिस्ट्री में हो रही देरी का कारण स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज करीब 11 माह पूर्व निर्माण कंपनी को उपलब्ध करा दिए गए थे, इसके बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
लाभार्थी ने बैंक और प्रशासन से यह भी जानकारी मांगी है कि भूमि स्वामियों और निर्माण कंपनी के बीच चल रहे न्यायालयीन विवाद के कारण रजिस्ट्री में क्या बाधा है तथा उसका समाधान कब तक होगा।
निर्माण कंपनी के डायरेक्टर जितेंद्र कुमार और सुबोध शर्मा के द्वारा लगातार लाभार्थियों को गुमराह किया जा रहा है और तरह से की बातें करके संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है
उपरोक्त मामले में इसके स्टे/स्थगन विद्वान अधिवक्ता विपिन कुमार नारंग के द्वारा सिविल कोर्ट काशीपुर से कराया गया है।