देहरादून। पिछली रात देहरादून में कंट्रोल रूम से हालात पर नजर…
*रातभर श्रमिकों की चिंता…*
*और सुबह होते ही हेलीकॉप्टर से चमोली के लिए रवाना—यही है धाकड़ धामी का नेतृत्व!*
चमोली में टनल हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछली रात देहरादून में कंट्रोल रूम से रेस्क्यू ऑपरेशन की पल-पल की जानकारी ली। देर रात तक अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करते रहे।
*रात गुजर गई, लेकिन चिंता नहीं।*
श्रमिक सुरक्षित बाहर आएं—इसी संकल्प के साथ सुबह होते ही मुख्यमंत्री धामी हेलीकॉप्टर से चमोली के लिए रवाना हो गए।
खराब मौसम और हेलीकॉप्टर की लैंडिंग को लेकर सामने आई चुनौतियों के बावजूद उनका संकल्प स्पष्ट था—
“*मेरे श्रमिक संकट में हैं, मुझे उनके बीच पहुंचना है।”*
चमोली पहुंचकर उन्होंने सिर्फ अधिकारियों से रिपोर्ट नहीं ली, बल्कि *खुद टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया,* मौके की स्थिति समझी और बचाव कार्य में जुटी टीमों का हौसला बढ़ाया।
*पिछली रात कंट्रोल रूम में जागकर निगरानी,*
*सुबह चमोली के लिए उड़ान,*
*और फिर ग्राउंड ज़ीरो पर खुद मोर्चा संभालना—*
यह तस्वीर बताती है कि *मुख्यमंत्री होना सिर्फ पद नहीं, जिम्मेदारी है।*