देहरादून। नारी सम्मान ही राष्ट्र का अभिमान” — और इस संकल्प को साकार रूप देने वाले हैं उत्तराखंड के धाकड़, संवेदनशील और दूरदर्शी नेता, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी।*
*देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में जिस तरह धामी जी ने हजारों मातृशक्ति के साथ खड़े होकर उनके अधिकारों की आवाज बुलंद की, वह उनके नेतृत्व की दृढ़ता और नारी सम्मान के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत थी — जहां हर महिला की आवाज को शक्ति मिली।*
*धामी जी ने स्पष्ट शब्दों में यह दिखा दिया कि जो लोग नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे ऐतिहासिक फैसले में बाधा बनते हैं, वे वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के विरोधी हैं। वहीं, धामी जी का नेतृत्व न केवल निर्णय लेने में मजबूत है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला है।*
*हजारों महिलाओं के साथ उनकी पदयात्रा ने यह साबित कर दिया कि यह नेतृत्व जमीन से जुड़ा हुआ है, जनता के बीच है और उनके हक के लिए संघर्ष करने को सदैव तत्पर है। मातृशक्ति का जो उत्साह और विश्वास इस रैली में देखने को मिला, वह धामी जी के प्रति जनविश्वास की सबसे बड़ी पहचान है।*
*देवभूमि उत्तराखंड से उठी यह सशक्त आवाज अब पूरे देश में गूंजेगी — और इसका श्रेय जाता है ऐसे कर्मठ, निर्भीक और जनसेवक मुख्यमंत्री को, जो “सबका साथ, सबका विकास” के साथ-साथ “नारी सम्मान, राष्ट्र उत्थान” को अपनी प्राथमिकता बना चुके हैं।*
*धामी जी सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सच्चे रक्षक और उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं।
