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हल्द्वानी

धाकड़’ के साथ ही ‘धुरंधर’ धामीः राजनाथ सिंह*

*धुरंधर धामी, धुंआधार काम*

*चार साल धामी ने किया धुंआधार काम*

*सरकार के चार साल पूरे होने पर हल्द्वानी में विशाल जनसभा*

*केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की धामी की जमकर तारीफ

*कार्यकर्ताओं का जोश दिखा ‘हाई’*

*राजनाथ सिंह ने 11 बार पुष्कर और 23 बार लिया धामी नाम*

2027 में ‘धुरंधर’ धामी ही होंगे भाजपा का चेहरा!

हल्द्वानी से एक बड़ी राजनीतिक तस्वीर सामने आई है। मौका था धामी सरकार के चार साल पूरे होने का। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में हुई इस जनसभा ने एक नया राजनीतिक संदेश दिया। मंच से एक नया नाम भी मिला धाकड़ के साथ अब धुरंधर धामी। चार साल का काम, भीड़ का विश्वास और 2027 की ओर बढ़ता राजनीतिक माहौल। देखिए हल्द्वानी से हमारी यह खास रिपोर्ट।

धुरंधर धामी…

धुंआधार काम…

और जनविश्वास से भरा हल्द्वानी का मैदान।

तस्वीरें बहुत कुछ कह रही थीं।

मैदान खचाखच भरा था।

भीड़ सिर्फ भीड़ नहीं थी।

यह भरोसे का जनसैलाब था।

मौका था धामी सरकार के चार साल पूरे होने का। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। उन्होंने मंच से धामी सरकार के कामों की जमकर तारीफ की। और एक नई पहचान दी — धुरंधर धामी। उन्होंने कहा धामी के नेतृत्व में छोटे से राज्य में जिस रफ्तार से काम हुआ, वह अभूतपूर्व है। कई क्षेत्रों में उत्तराखंड ने देश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है।

चार साल में धुंआधार काम हुआ है। इसलिए अब धामी को धाकड़ नहीं, धुरंधर कहा जाना चाहिए।

अगर पूरे भाषण पर नजर डालें तो एक बात और साफ दिखाई देती है। अपने भाषण के दौरान राजनाथ सिंह ने 11 बार पुष्कर और 23 बार धामी शब्द का प्रयोग किया। नी पूरा भाषण कहीं न कहीं धामी और धामी सरकार के कामकाज के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रहा। इस भाषण में जिस तरह से बार-बार धामी और धामी सरकार का जिक्र हुआ, उससे यह भी साफ संकेत मिलता है कि धाकड़ धामी के नेतृत्व में ही भाजपा अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

हल्द्वानी की यह जनसभा एक राजनीतिक संकेत भी थी। भीड़ बता रही थी कि लोगों को सरकार के काम पर भरोसा है। लोगों को धामी की नीतियों और नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

चारधाम ऑल वेदर रोड, सैन्य धाम, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम। इन फैसलों ने सरकार की अलग पहचान बनाई है।

राजनीतिक नजर से देखें तो यह रैली और भी बड़ी थी। यह भीड़ एक तरह का राजनीतिक संदेश थी। संदेश साफ था। जनता का भरोसा अभी भी धामी पर है। और यही भरोसा 2027 की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।

धाकड़ से धुरंधर बने धामी।

धुंआधार काम।

और जनता का विश्वास।

हल्द्वानी में मंच से धामी के धुंआधार कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा हुई। और मैदान में उमड़ी जनता की भारी भीड़ ने भी अपना संदेश दे दिया। भले ही कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति बना रही हो। लेकिन हल्द्वानी की यह भीड़ कुछ और ही कहानी कह रही थी। यह भीड़ बता रही थी कि जनता का भरोसा किस पर है। यह भीड़ बता रही थी कि राजनीतिक हवा किस दिशा में बह रही है। और यह भीड़ यह संकेत भी दे रही थी कि 2027 की राह किस ओर जाती दिखाई दे रही है।

By admin