व्यक्ति की पहचान उसके काम से होती है, तनवीर असगर ने कार्यशैली से बनाई अलग पहचान
बाजपुर। किसी भी अधिकारी की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके काम करने के तरीके और परिणामों से होती है। इसी सोच को अपनी कार्यशैली में उतारते हुए खंड विकास अधिकारी बाजपुर तनवीर असगर इन दिनों अपनी सक्रिय कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में हैं।
गांवों के विकास की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में खंड विकास कार्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, स्वच्छता, पेयजल, आवास, रोजगार और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े कार्यों का संचालन इसी व्यवस्था के माध्यम से होता है। ऐसे में कार्यालय की कार्यप्रणाली जितनी सक्रिय और व्यवस्थित होगी, उसका सीधा असर गांवों के विकास पर दिखाई देगा।
हाल ही में हल्द्वानी, नैनीताल से स्थानांतरण होकर बाजपुर पहुंचे तनवीर असगर ने खंड विकास अधिकारी का कार्यभार संभाला। कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही उनकी कार्यशैली में सक्रियता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की सोच दिखाई दे रही है। वह केवल फाइलों तक सीमित रहने के बजाय व्यवस्थाओं को समझने और उन्हें निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप संचालित करने पर जोर देते हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना भी उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उनका मानना है कि विकास कार्य किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से बेहतर तरीके से पूरे किए जा सकते हैं। यही वजह है कि कार्यालयीन व्यवस्था में संवाद, समन्वय और जिम्मेदारी को वह विशेष महत्व देते हैं।
तनवीर असगर की कार्यशैली का सबसे खास पहलू यह है कि वह ‘काम करने में विश्वास’ रखने वाले अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में तेजी, व्यवस्थाओं में सुधार और कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल को लेकर उनकी सक्रियता आने वाले समय में बाजपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कितनी कारगर साबित होती है, यह देखने वाली बात होगी।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि पद किसी अधिकारी को पहचान देता है, लेकिन उसकी असली पहचान उसके काम से बनती है—और तनवीर असगर अपनी कार्यशैली के जरिए इसी पहचान को मजबूत करने में जुटे हैं।
