देहरादून। शासकीय आवास में प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों, जनसमस्याओं, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की।
सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त एवं निर्माणाधीन सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए 15 अक्टूबर तक सभी बदहाल सड़कों को अनिवार्य रूप से दुरुस्त किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
CM Helpline 1905 पर दर्ज शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड’ के संकल्प को साकार करने के लिए नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन पर प्रभावी प्रहार करने एवं युवाओं के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
मानसून एवं संभावित आपदाओं के दृष्टिगत सभी जिलों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के भी सख्त निर्देश दिए।