8 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण, अवैध लिंग चयन के खिलाफ सख्त रुख
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रुद्रपुर में ए सी एम ओ डॉ एस. पी. सिंह के नेतृत्व मे पीसीपीएनडीटी टीम की निरीक्षण कार्रवाई: 08 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण, अवैध लिंग चयन के खिलाफ सख्त रुख

रुद्रपुर, 06 अप्रैल 2026 – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में आज जनपद के रुद्रपुर ब्लॉक में PCPNDT (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित विशेष निरीक्षण टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। टीम ने क्षेत्र के 08 प्रमुख अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण दल में

प्रशासनिक और चिकित्सा विशेषज्ञों की इस संयुक्त टीम का नेतृत्व प्रभारी नायब तहसीलदार राधे श्याम राणा ने किया। टीम में राजस्व विभाग से लेखपाल विक्रम सिंह, चिकित्सा क्षेत्र से वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता त्रिपाठी, जिला समन्वयक प्रदीप महर PCPNDT और अधिशासी सहायक गोपाल आर्य सहित अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।

इन केंद्रों की हुई जांच:

निरीक्षण के दौरान टीम ने निम्नलिखित केंद्रों के अभिलेखों और कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की:

रिदम इकोकार्डियो सेंटर

थिंड पशु चिकित्सालय (विशिष्ट जांच)

सिद्धि विनायक हॉस्पिटल

जीवनदीप हॉस्पिटल

सुरभि हॉस्पिटल

सुरभि IVF सेंटर

वाहेगुरु अल्ट्रासाउंड केंद्र

रूद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य और कार्यवाही:

इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाना और ‘PCPNDT एक्ट’ के प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान टीम ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:

फॉर्म-F का रख-रखाव: मरीजों के अनिवार्य फॉर्म-F की प्रविष्टियां पूर्ण हैं या नहीं।

अभिलेखों का मिलान: केंद्र में उपलब्ध लॉग-बुक और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया गया।

अनिवार्य सूचनाएं: केंद्रों पर एक्ट से संबंधित अनिवार्य बोर्ड और चेतावनी संदेशों की उपलब्धता की जांच की गई।

प्रशासनिक निर्देश:

निरीक्षण टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी केंद्र पर अवैध रूप से भ्रूण के लिंग का निर्धारण पाए जाने पर संबंधित संस्थान का पंजीकरण तत्काल निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। डॉ. नम्रता त्रिपाठी ने केंद्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारें और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि जनपद में लिंगानुपात में सुधार लाया जा सके और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लग सके।

By admin