रूद्रपुर 23 मार्च, 2026 सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम का क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। कार्यक्रम को मा0 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड देहरादून से आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुनः राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया है। उन्होने कहा हमने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है, वहीं विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जायेगा।
मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा आज एतिहासिक दिन है हम मुख्यमंत्री श्री धामी की सरकार के 04 साल का उत्सव मना रहे है। उन्होने कहा सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ दिनों दिन प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा, यह सार्थक हो रहा है। उन्होने कहा सरकार ने यूसीसी, कठोर भूकानून, नकल विरोधी कानून एतिहासिक निर्णय लिए है, जो सराहनीय है। उन्होने कहा प्रदेश सभी राष्ट्रीय मापदण्डो में अग्रणीय स्थान पर है। देश के सभी के सभी राज्य हमारे प्रदेश के ऐतिहासिक निर्णयो का अनुश्रवण कर रहे है।
कार्यक्रम में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित संकल्प से सिद्धि, विकसित उत्तराखण्ड पुस्तिका का अतिथियो द्वारा विमोचन किया गया। रीप परियोजना के तहत 05 स्वयं सहायता समूहों को 06-06 लाख का अनुदान चैक, कृषि विभाग द्वारा 05 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उद्योग विभाग द्वारा 10 युवाओं को कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, समाज कल्याण विभाग द्वारा 02 दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राईसाइकिल, 02 को व्हील चीयर, 02 को कान की मशीन वितरित की गयी।
मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 1530 लोगों का फुटफॉल दर्ज किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। शिविर के दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग (गायनी) विभाग में 82 गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार किया गया। हड्डी रोग विभाग में 80 मरीजों का उपचार किया गया। एनसीडी स्क्रीनिंग के अंतर्गत 246 लोगों की जांच की गई। टीबी जांच हेतु 57 एक्स-रे किए गए। फिजिशियन विभाग में 265 मरीजों का परामर्श एवं उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त चंदन डायग्नोस्टिक लैब द्वारा 270 विभिन्न प्रकार की जांचें की गईं तथा 35 अल्ट्रासाउंड भी किए गए। शिविर में मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं एवं जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे आमजन को काफी लाभ मिला।
शिविर में जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर लोगों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गयी व पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा, प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री जितेन्द्र गौतम, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, पीडी हिमांशु जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ0 उषा रावत, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी जानकी कार्की, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदनी तोमर, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आशुतोष जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनता मौजूद थी।
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