हरिद्वार की पावन भूमि से आज जो शब्द गूंजे, वे केवल संबोधन नहीं थे,
वे विश्वास, सम्मान और सच्ची मित्रता की मुहर थे।
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी द्वारा मंच से
उत्तराखण्ड के यशस्वी मुख्यमंत्री *श्री पुष्कर सिंह धामी जी को*
“*मेरे परम मित्र” कहकर संबोधित करना—*
यह उनके निष्कलंक नेतृत्व, दृढ़ निष्ठा और कर्मठ व्यक्तित्व का सजीव प्रमाण है।
यह वही विश्वास है,
जो कठिन निर्णयों में भी अडिग रहता है,
और वही मित्रता है
जो राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जन्म लेती है।
धामी जी ने कम उम्र में बड़े दायित्वों को जिस परिपक्वता, साहस और ईमानदारी से निभाया है,
आज वही प्रतिबद्धता देश के शीर्ष नेतृत्व के शब्दों में झलकी।
देवभूमि उत्तराखण्ड को ऐसा नेतृत्व मिला है,
जिस पर देश का *भरोसा भी है और नेतृत्व का आशीर्वाद भी।*
*नेतृत्व ऐसा हो—तो विश्वास स्वयं शब्द बन जाता है।*
*धामी हैं—तो भरोसा है।*
